कर्पूरगौरं करुणावतारं (Karpura Gauram Karuna Avataram)
कर्पूरगौरं करुणावतारं, संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम् ।

कर्पूरगौरं करुणावतारं,
संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम् ।
सदावसन्तं हृदयारविन्दे,
भवं भवानीसहितं नमामि ॥
-----------------------
हिन्दी अनुवाद:
शरीर कपूर की तरह गोरा है, जो करुणा के अवतार है, जो शिव संसार के मूल हैं। और जो महादेव सर्पराज को गले में हार के रूप में धारण किए हुए हैं, ऐसे हमेशा प्रसन्न रहने वाले भगवान शिव को अपने ह्रदय कमल में शिव-पार्वती को एक साथ नमस्कार करता हूँ।
Scholar
Team HinduApp.in
Day 145/365
Aaj Ka Suvichar
कर्तव्य के प्रति निष्ठा भीतर की शक्ति को जगाकर आगे बढ़ना सिखाता है।
Kartavya ke prati nishtha bheetar ki shakti ko jagakar aage badhna sikhata hai.
